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आधुनिक शिक्षा और प्राचीन शिक्षा में अंतर

आधुनिक शिक्षा और प्राचीन शिक्षा में अंतर: सोच और पद्धति की यात्रा शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो किसी भी समाज की रीढ़ होती है। समय के साथ शिक्षा का स्वरूप बदला है—जहां एक ओर प्राचीन शिक्षा प्रणाली ज्ञान को जीवन से जोड़ती थी, वहीं आधुनिक शिक्षा प्रणाली कोर पाठ्यक्रम, तकनीक और करियर पर केंद्रित हो गई है। दोनों प्रणालियों के अपने-अपने फायदे और सीमाएं हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि आधुनिक और प्राचीन शिक्षा में क्या मुख्य अंतर हैं। 1. शिक्षा का उद्देश्य प्राचीन शिक्षा का उद्देश्य था – आत्मविकास, चरित्र निर्माण, और समाज सेवा। शिक्षा आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित थी। विद्यार्थी जीवन को "ब्रह्मचर्य आश्रम" माना जाता था – पूर्ण अनुशासन और ज्ञान की साधना। आधुनिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है – रोजगार प्राप्त करना, टेक्नोलॉजी और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना। यहाँ प्रतिस्पर्धा और स्कोर आधारित सफलता को ज़्यादा महत्व मिलता है। 2. शिक्षा की जगह और पद्धति प्राचीन काल में गुरुकुल प्रणाली थी। विद्यार्थी जंगलों या आश्रमों में गुरु के साथ रहते थे। शिक्षा मौखिक होती थी, गु...

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